मौन ! हमारे लिए क्यों जरूरी है मौन ?

मौन शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, यह तो अनुभव की चीज है। मन की प्रश्नरहित अवस्था मे ही मौन है। मौन से आशय है कम बोलना, सारगर्भित बोलना हम मुख से तो मौन हो जाते हैं, पर मन में विचारों की हलचल चलती रहती है। मौन शब्द का सन्धि-विच्छेद किया जाए तो 7 … Read more

सच्चे मन से पुकारो भगवान जरूर सुनते हैं।

सच्चे मन से पुकारो मीरा जी जब भगवान कृष्ण के लिए गाती थी तो भगवान बड़े ध्यान से सुनते थे। सूरदास जी जब पद गाते थे भी भगवान सुनते थे। और कहां तक कहूं कबीर जी तो यहां तक कह दिया-चींटी के पग नूपुर बाजे वह भी साहब सुनता है। एक चींटी कितनी छोटी होती … Read more