वाणी की मधुरता
वाणी की मधुरता हमें अपनी वाणी पर पूर्ण नियन्त्रण रखना चाहिए। बिना सोचे विचारे कोई भी शब्द अपनी जिवा पर नहीं लाना चाहिए। शस्त्र द्वारा किया गया घाव तो समय पाकर भर जाता है लेकिन अनुचित शब्द बोलकर किया गया घाव जीव को मरते दम तक दुःख देता रहता है। इसलिए पहले तोलो फिर बोलो। … Read more