लक्खा तारे तू सानू क्यों ना तारेया लिरिक्स

लक्खा तारे तू सानू क्यों ना तारेया

लक्खा तारे तू सानू क्यों ना तारेया,
दस दातिया मै तेरा की भी बिगाड़िया ॥
मेहरा वाली नज़र क्यों नई पा रेया
दस दातिया मै तेरा की भी बिगाड़िया ॥


जदो मेरी तकदीर बनाई सी,
तेरी कलम च मुकगी स्याही सी,
साडे सुत्ते होये भाग नई जगा रेया,
दस दातेया मै तेरा की भी बिगाड़िया……

तेरे तो छुपिया ना मेरिया हकीकता,
हुण कट आके मेरिया मुसीबता,
मैनु जान जान ऐना क्यों रुला रेया ,
दस दातिया मै तेरा की भी बिगाड़िया……

दयावान तू खजानेया न खोल दे
भावे देवी मैनु तकड़ी च तोल के
कर रेहमता तो देर क्यों लगा रेया
दस दातिया मै तेरा की भी बिगाड़िया.

मोहे लादो भजन वाली वही माला

दाता तेरा मेरा प्यार कभी न बदले लिरिक्स

आनन्द का अर्थ क्या है – इस शब्द ने हर प्राणी में हलचल मचा रखी है

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