ईमानदारी – सुख की कल्पना क्या है ?
ईमानदारी ईमानदारी – सुख की कल्पना क्या है, इसका एक उदाहरण देकर स्पष्ट करूंगा। राजा जनक के गुरु थे याज्ञवल्क्य। उनकी दो पत्नियां थीं कात्यायनी और मैत्रेयी। उनके पास अथाह धन था, वैभव था, मान-सम्मान था और वे सर्व-समृद्धि से सम्पन्न थे । याज्ञवल्क्य के मन में विचार आया कि मुझे संन्यास लेना है। उन्होंने … Read more