कृष्ण रूक्मणी विवाह कथा

कृष्ण रूक्मणी विदर्भ के राजा भीष्मक की कन्या रूक्मिणी थी, रूक्मिणी के भाई थे रूक्म। रूक्म अपनी बहन की शादी शिशुपाल से करना चाहता था परंतु देवी रूक्मणी अपने मन में श्री कृष्ण को पति मान चुकी थी। अतः देवी रूक्मणी ने श्री कृष्ण को एक पत्र लिखा । पत्र प्राप्त कर श्री कृष्ण विदर्भ … Read more

मायावी घटोत्कच

मायावी घटोत्कच भीमसेन का विवाह हिडिंबा नाम की एक राक्षसी के साथ भी हुआ था। वह भीमसेन पर आसक्त हो गई थी और उसने स्वयं आकर माता कुंती से प्रार्थना की थी कि वे उसका विवाह भीमसेन के साथ करा दें। कुंती ने उस विवाह की अनुमति दे दी, लेकिन भीमसेन ने विवाह करते समय … Read more

शनिदेव पर तेल क्यों चढ़ाते हैं?

शनिदेव आनंद रामायण की एक कथा के अनुसार लंका पर चढ़ाई के लिए समुद्र पर बांधे गए पुल की सुरक्षा का भार हनुमानजी को सौंपा गया था। हनुमानजी रात में भगवान राम का ध्यान करते हुए पुल की रक्षा कर रहे थे कि वहां शनिदेव आ पहुंचे और उन्हें व्यंग्यबाणों से परेशान करने लगे। हनुमानजी … Read more

राधा-कृष्ण

राधा-कृष्ण सतयुग और त्रेता युग बीतने के बाद जब द्वापर युग आया तो पृथ्वी पर झूठ, अन्याय, असत्य, अनाचार और अत्याचार होने लगे और फिर प्रतिदिन उनकी अधिकता में वृद्धि होती चली गई। अधर्म के भार से पृथ्वी दुखित हो उठी| उसने ब्रह्मा, विष्णु और शिव के पास पहुंचकर प्रार्थना की कि वे उसे इस … Read more

हनुमान जी और भीम

हनुमान जी और भीम -भीम को यह अभिमान हो गया था कि संसार में मुझसे अधिक बलवान कोई और नहीं है। सौ हाथियों का बल है और भगवान उसमें, उसे कोई परास्त नहीं कर सकता…. अपने सेवक में किसी भी प्रकार का अभिमान रहने नहीं देते| इसलिए श्रीकृष्ण ने भीम के कल्याण के लिए एक … Read more

संक्षिप्त हनुमान कथा

संक्षिप्त हनुमान – हनुमान जी का जन्म त्रेता युग मे अंजना (एक नारी वानर) के पुत्र के रूप मे हुआ था। अंजना असल मे पुन्जिकस्थला नाम की एक अप्सरा थीं, मगर एक शाप के कारण उन्हें नारी वानर के रूप मे धरती पे जन्म लेना पड़ा। उस शाप का प्रभाव शिव के अन्श को जन्म … Read more

शनी की महत्ता

शनी की महत्ता – एक समय स्वर्गलोक में सबसे बड़ा कौन के प्रश्न कोलेकर सभी देवताओं में वाद-विवाद प्रारम्भ हुआ औरफिर परस्पर भयंकर युद्ध की स्थिति बन गई। सभी देवता देवराज इंद्र के पास पहुंचे और बोले, से देवराज! आपको निर्णय करना होगा कि नौ ग्रहों में सबसे बड़ा कौन है? देवताओं का प्रश्न सुनकर … Read more

दुरात्मा कीचक

दुरात्मा कीचक द्रौपदी के साथ पाण्डव वनवास के अंतिम वर्ष अज्ञातवास के समय में वेश तथा नाम बदलकर राजा विराट के यहां रहते थे। उस समय द्रौपदी ने अपना नाम सैरंध्री रख लिया था और विराट नरेश की रानी सुदेष्णा की दासी बनकर वे किसी प्रकार समय व्यतीत कर रही थीं| परस्त्री में आसक्ति मृत्यु … Read more

अर्जुन-कृष्ण युद्ध कथा

अर्जुन-कृष्ण युद्ध एक बार महर्षि गालव जब प्रातः सूर्यार्घ्य प्रदान कर रहे थे, उनकी अंजलि में आकाश मार्ग में जाते हुए चित्रसेन गंधर्व की थूकी हुई पीक गिर गई। मुनि को इससे बड़ा क्रोध आया। वे उसे शाप देना ही चाहते थे कि उन्हें अपने तपोनाश का ध्यान आ गया और वे रुक गए। उन्होंने … Read more

निम्म देया पत्तेया नू खान वालेया – Nimm deya patteya lyrics Bhajan

निम्म देया पत्तेया नू खान वालेया गुफ़ा च समाधियाँ लगान वालेया निम्म देया पत्तेया नू खान वालेया गुफ़ा च समाधियाँ लगान वालेया -2 1 . खा-खा निम्म ते शरीर सुकेया,कोमल शरीर विचो खून मुकेया -2 प्रेम दिया फाइया गल पान वालेया ,गुफ़ा च समाधियाँ लगान वालेया -2 निम्म देया पत्तेया नू खान वालेया …. 2 … Read more

जब हनुमान ने तीनों का घमण्ड चूर किया

हनुमान संसार में किसी का कुछ नहीं। ख्वाहमख्वाह अपना समझना मूर्खता है, क्योंकि अपना होता हुआ भी, कुछ भी अपना नहीं होता। इसलिए हैरानी होती है, घमण्ड क्यों? किसलिए? किसका? कुछ रुपये दान करने वाला यदि यह कहे कि उसने ऐसा किया है, तो उससे बड़ा मुर्ख और कोई नहीं और ऐसे भी हैं, जो … Read more

Shri Guru Mahima lyrics | श्री आनंदपुर की श्री गुरु महिमा

Shri Guru Mahima lyrics – श्री गुरु महिमा श्लोक ॥ साकार रूपं परमात्मनः हेआत्मस्थितं तत् तव दर्शनं श्रीः । आनन्दसिन्धौ स्मरणं त्वदीशःमधुरोपदेशं शं ते दयालोः ॥ चरणारविन्दे कोटिः प्रणामःबद्धाञ्जलिभ्यो इव प्रार्थनैषा ।वरदायकः यत् हस्तः त्वदीयःशिरसा सदैव दृष्टि: कृपालोः ॥ अर्थात् हे श्री परमहंस दयाल जी महाराज! आप निराकार परमात्मा के साकार स्वरूप हैं। आपके पावन … Read more