तेरे दर का खोटा सिक्का सरेआम चल रहा है लिरिक्स
तेरे दर का खोटा सिक्का सरेआम चल रहा हैतेरी रहमतों का दरिया सुबह शाम बह रहा है तेरा नाम लेकर सोऊं तेरा नाम लेकर जागूयह सिलसिला हमारा सुबह शाम चल रहा है तेरे दर का खोटा सिक्का…. मुश्किल हो चाहे जैसी मुझे कैसे रोक पाएमेरे सतगुरु का साया तेरी रहमतों का दरिया सुबह शाम बह … Read more