सतगुरु जी ने राग द्वेष का परदा दूर किया
कविता- सतगुरु जी ने राग द्वेष का परदा सतगुरु जी ने राग द्वेष का परदा दूर किया । कर इनायत ज्ञान की रोशनी से भरपूर किया । दर्शन की प्यासी आँखों को अपना सरूर दिया । चढ़ा नाम की मस्ती प्रेम के नशे में चूर किया । 2. इन्द्रियां विषय भोगों से सहज ही हो … Read more