दूध पीने के फायदे – एक गिलास दूध 16 गिलास पालक के जूस के बराबर

दूध पीने के फायदे

हर किसी के बचपन के साथ दूध पीने की यादें जुड़ी होगी, जब नखरे करने पर भी मां उन्हें यह कह कर दूध पीने के लिए फुलाती थीं कि दूध पीने से रंग गोरा होगा यादिनाग तेज होगा, पढ़ाई में तेज होंगे। दूध के ऐसे ही अनगिनत फायदों के प्रति दुनिया भर के लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 1 जून को ‘वर्ल्ड मिल्क है’ यानी ‘विश्व दुग्ध दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

वर्ष 2001 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफ.ए.ओ.) ने 1 जून को ‘वर्ल्ड मिल्क डे’ घोषित किया था। 1 जून को इसलिए चुना गया क्योंकि साल के इस वक्त विश्व के अनेक देशों में ‘दुग्ध दिवस’ का आयोजन किया जाता है।

इसे मनाने का मकसद है कि दूध के सभी पहलुओं के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता को और बढ़ाया जा सके। लोगों को दूध के बारे में अधिक जानकारी मिल सके ताकि उन्हें इस बात का एहसास हो कि दूध हमारे जीवन में कितनी अहमियत रखता है और वैश्विक भोजन के रूप में दूध के महत्व को पहचानने में मदद मिल सके। यह दिवस डेयरी क्षेत्र के महत्व और इससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी मनाया जाता है।

‘विश्व दुग्ध दिवस’ के जरिए लोगों को दूध की स्वाभाविक उत्पत्ति दूध का पोषण संबंधी महत्व और विभिन्न दूध उत्पाद सहित पूरे विश्वभर में इसका आर्थिक महत्व समझाना है।

दूध कहां से मिलता है मानव आदिकाल से जानवरों के दूध का इस्तेमाल करता आ रहा है। साधारण गाय, भैंस और बकरी के दूध का इस्तेमाल होता है। कुछ देशों में मेड क्रेट थोड़ी के दूध का भी इस्तेमाल किया जाता है।

दूध क्या है?

दूध 85 से 95 प्रतिशत तक पानी से बाकी प्रोटीन, चीनी वसा विटामिन और अन्य तत्व होते हैं।

दूध की संरचना प्रजातियों (गाय, बकरी भैंस) (होल्स्टीन, जर्सी), पशु के आहार तथा स्तनपान के के आधार पर भिन्न होती है।

हमारे शरीर को चुस्त और तंदुरुस्त रखने के लिए दूध का सेवन बहुत जरूरी है। यह हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी को दूर करता है। हमें कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाता है । शरीर की थकान दूर करता है और गले के लिए भी फायदेमंद होता है । हमारा मानसिक तनाव भी दूर करने में सहायता करता है।

दूध पीने के फायदे

कई बच्चे दूध पीना पसंद नहीं करते हैं परंतु बच्चों के शारीरिक तथा मानसिक विकास में दूध से मिलने वाला पोषण विशेष भूमिका निभाता है।

मानव शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जो चीजें चाहिए वे सभी इसमें होती हैं। दूध शरीर के लिए जरूरी सभी पोषक तत्वों का एक बहुत अच्छा स्रोत है जिनमें कैल्शियम मैग्नीशियम, जिंक फासफोर आयरन, पोटाशियम, फोलेट्स, विटामिन विटामिन ‘डी’ राइबोफ्लेविन विटामिन बी12 प्रोटोन, स्वस्थ फैट आदि शामिल है। इसमें मौजूद विटामिन (बी2 ए और ई) आयोडीन प्रोटोन भी स्वास्थ्य के लिए बहु लाभकारी है।

यह एक बहुत ही उर्जायुक्त आधार है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा है क्योंकि इसमें उच्च गुणवत्ता के सहित आवश्यक और गैर-आवश्यक एम एसिड और फैटी एसिड मौजूद होते हैं। मेहनत के बाद आप अपनी मर्जी स चाहते हैं जिए, दूध आपको एनर्जी वापस ला देगा।

एक गिलास दूध में कैल्शियम की जितनी मात्रा होती है, उतनी 16 गिलास पालक के जूस में होती है। इस वजह से दूध पीने से शरीर को कैल्शियम की कमी नहीं रहती ।

गाय के दूध से ज्यादा बकरी के दूध में मक्खन होता है ऊंटनी के दूध को भी बहुत पोषक माना जाता है लेकिन यह जल्द खराब हो जाता है।

रोचक तथ्य – दूध पीने के फायदे

  1. दुनिया में सबसे अधिक 90 प्रतिशत दूध गाय का पीया जाता है।

एक साधारण इन्सान को गाय का दूध पचाने केलिए 1 घंटे का समय लगता है।अगर आप बकरी के दूध को प्रोटीन के लिए पी रहे हैं तो जान लीजिए कि उसमें प्रोटीन नहीं होता है। आस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले बत्तख की प्रजाति के जीव ‘प्लैटिपस’ का दूध उनकी त्वचा से निकलता है।

भैंस के दूध में फैट अधिक होता है जो गाय के दूध की तुलना में औसतन दोगुना होता है। ‘लैक्टोबैसिलस’ बैक्टीरिया दूध को दही में बदलता है।

पैक्ड मिल्क के प्रकार

फ्रैश होल मिल्क : होल मिल्क मतलब भैंस का दूध जिसमें कम-से-कम 3.25 प्रतिशत दूध का फैट और 8.25 प्रतिशत दूध का नॉन-फैट रहता है।

स्कीम्ड मिल्क :

स्कीम्ड मिल्क के लिए दूध का फैट अलग-अलग मात्रा में निकाल लिया जाता है। इनमें रिच मिल्क में 2 प्रतिशत फैट और 10 प्रतिशत नॉन फैट रहता है। लो फैट मिल्क में 0.5 से 2.0 प्रतिशत मिल्क फैट रहता है।.

फ्लेवर्ड मिल्क

चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी, कॉफी, मैपल या अन्य? फ्लेवर मिक्स किए जाते हैं जो इसे स्वीट फ्लेवर्ड मिल्क बना देते हैं।

FAQ

प्रतिदिन दूध पीने से क्या होता है ?

हमारी कमजोर हड्डियों को ताकतवर बनाता है । अनिद्रा को दूर करता है। डायबिटीज और हार्ट डिजीज से हमारे शरीर को बचाता है । हमारे दांतो को भी ताकतवर बनाने में सहायता करता है।

दूध हमें क्यों पीना चाहिए ?

दूध में हमारे शरीर के में पाए जाने वाले कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं जो हमारे शरीर को मजबूत और तंदुरुस्त बनाने की सहायता करते हैं।

दूध कैसे पीना चाहिए गर्म या ठंडा?

ठंडा दूध पीने से पेट को ठंडक पहुंचती है इससे पेट में एसिडिटी की समस्या भी नहीं होती। शरीर को पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए भी ठंडा दूध पिया जाता है परंतु फ्लू और कोल्ड में ठंडा दूध नहीं पीना चाहिए।

रात को सोने से पहले गर्म दूध ज्यादा फायदेमंद होता है।

दूध पीने का सही समय क्या है?

दूध पीने का का सबसे अच्छा समय दोपहर और सोने से पहले का होता है।

कौन सी बीमारी में दूध नहीं पीना चाहिए?

  • पीलिया और दस्त होने पर दूध से परहेज करना चाहिए।
  • फैटी लीवर वाले मरीजों को दूध का सेवन करने से बचना चाहिए। दूध में प्रोटीन अधिक होने के कारण फैटी लीवर की समस्या बढ़ सकती है।
  • गैस की समस्या वाले मरीजों को हेल्थ एक्सपर्ट दूध ना पीने की का मशवरा देते हैं क्योंकि दूध में लैक्टोज होता है जिसकी वजह से उनका पाचन बिगड़ बिगड़ता है ।इसीलिए वह मरीजों को कम से कम दूध पीने को कहते हैं।

Leave a Comment