प्रभु नाम का महात्म्य – आवागमन के चक्कर से छूटने के सिर्फ दो ही उपाय..
प्रभु नाम का महात्म्य भगवान श्रीकृष्णचन्द्र जी ने गीता में लिखा है- || शेअर || वक़ते रहलत याद मेरी में, झुकाता है जो सर । मुझ में बेशक वसल होता है, वह कालव छोड़कर || यह समझ ले आख़री दम, जिसका जैसा हो ख़्याल । अपनी नीयत के मुताबिक, उसमें पाता है वसाल || दम … Read more