श्री परमहंस दयाल जी के आत्मा को छूने वाले जबरदस्त – पांच इर्शाद
पांच इर्शाद पांच इर्शाद => खुदा की बंदगी करो, वरना उसकी दी हुई रोटी मत खाओ। => ख़ुदा की रजा और उसकी दी हुई रोज़ी में राजी रहो, वरना दूसरा खुदा ढूंढ़ो जो तुमको ज्यादा दे। => जिस बात के करने को ख़ुदा ने मना किया है उससे बाज आओ, वरना उसके मुल्क से बाहर … Read more