
हर हाल में दाता का जो शुक्र मनाते हैं
उनके घर रहमत की होती बरसाते हैं
हर हाल में दाता का जो शुक्र मनाते हैं
है याद जिन्हें दाता हर दात मिले उनको
बिन मांगे खुशियों की सौगात मिले उनको
दुख पाके भी सुख में नहीं मन भरमाते हैं
उनके घर खुशियों की होती बरसाते हैं
बहुते में शुकर कीजे थोड़े में सबर कीजे
फिर उसकी रहमत को दामन में भर लीजे
ये बातें जो माने वो ही सुख पाते हैं
उनके घर खुशियों की होती बरसाते हैं
हर सुख देने वाले दाता को ना भूलें
सतसंगत खुशियों के झूले में वो झूलें
आदर्श जो वेदों का इस मन में बसाते हैं
उनके घर खुशियों की होती बरसाते हैं
सतगुरु को याद करो सब दुःख मिट जायेंगे लिरिक्स
हारां वालेया सहारा तेरा लै लेया लिरिक्स
सोहणे नाल अखिया ला बैठी लिरिक्स
सतगुरु के दीवाने हैं ये शान से कहते हैं लिरिक्स