दाता तेरा मेरा प्यार कभी न बदले ।
दाता मेरा ये विचार कभी न बदले ।।
दाता तेरा मेरा प्यार कभी न बदले ।
द्वार तेरे पे आता रहूँ मैं,
चरणों में शीष झुकाता रहूँ मैं।
मेरा यह व्यवहार कभी न बदले,
दाता तेरा मेरा……।।१।।
अपना हो चाहे हो बेगाना,
रूठे चाहे सारा जमाना ।
चाहे सारा संसार भले ही बदले,
दाता तेरा मेरा…… ।।२।।
सत्संग तेरा छोइँ कभी ना,
मुख भी तुमसे मोड़ें कभी ना ।
मन से मन का यह तार कभी न बदले,
दाता तेरा मेरा….।।३।।