करत करत अभ्यास ते जड़मति होत सुजान
करत करत अभ्यास ते जड़मति होत सुजान ॥ दोहा ॥ करत करत अभ्यास ते, जड़मति होत सुजान । रसरी आवत जात ते, सिल पर पड़त निसान ॥ किसी कार्य को नियमपूर्वक किया जाय तो उसमें अवश्य सफलता प्राप्त होती है। जब एक साधारण सी रस्सी प्रतिदिन कुएँ से जल भरती हुई पत्थर पर भी अपना … Read more