
श्री आरती पूजा होती है जिस घर में
मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ
सतनाम की ज्योति जगती है जिस घर में
मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ
सुंदर छवियों का दर्शन करते हैं जो
मस्तक श्रद्धा से चरणों में रखते हैं जो
शाम सवेरे ज्योत जगा के
घर मंदिर में भगत बुला के
मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ
श्री आरती पूजा….
श्री आरती पूजा जो नित करते हैं
नियम का पालन हित चित्त से जो करते हैं
घर में भक्ति रंग बरसाने
गुरमुखों को सुख पहुँचाने
मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ
श्री आरती पूजा….
झोली भरते सभी की श्री सतगुरु जी
करते अभिलाषा पूरी सब हृदय की
भक्ति का वर माँगे जो
देने ऐसे गुरमुख को
मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ
श्री आरती पूजा….
भँवरे चरण कमल के तुम बन जाओ
दासा गुण सतगुरु के मिल सब गाओ
चरणों से जोड़े अपना मन
देने उसको सुंदर दर्शन
मेरे सतगुरु रोज आते वहाँ
श्री आरती पूजा…