कोई श्याम सुन्दर से कह दो यह जा के लिरिक्स

कोई श्याम सुन्दर से कह दो यह जा के - शाम भजन

कोई श्याम सुन्दर से कह दो यह जा के

कोई श्याम सुन्दर से कह दो यह जा के
भुला क्यों दिया मुझे अपना बना के।.

1 .अभी तो मेरी आँखों में आंसू भरे हैं,
जख्म मेरे दिल के अभी भी हरे हैं,
चले गए क्यों श्याम बंसी बजा के,
कोई श्याम सुन्दर से………

2 .अभी तो मैंने तुम को निहारा नहीं है,
तुम्हारे सिवा कोई हमारा नहीं है,
चले गए क्यों दीवाना बना के।
कोई श्याम सुन्दर से………

3 .मेरे दिल की नगरी सूनी पड़ी है,
मंझदार में मेरी नैया पड़ी है
चले जाना फिर किनारे लगा के,
कोई श्याम सुन्दर से……

4 .पहले तो प्रेम की पींघ चढ़ा के,
फिर दूर खड़े मुस्कराने लगे
जब चाह बढ़ी तुम्हें मिलने की,
मुखचन्द्र कैसे छुपाने लगे
कोई श्याम सुन्दर से……

5 .बस एक बार हँसा के ओ शामा,
सारी ऊमर मुझे रुलाने लगे।
करूंगा तो करनी दूर रही,
करुणा निधि बन के सताने लगे।
कोई श्याम सुन्दर से………….


कोई श्याम सुन्दर से कह दो यह जा के mp3

तुम्हारा हर्ज क्या होगा जो आओ बुलाने सेसात दिनों के अंदर सुखी होना चाहते हो तो यह करो ?
गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेनामेरा भोला है भंडारी करे नंदी की सवारी
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ नेशिव कैलाशों के वासी लिरिक्स

Leave a Comment