सतगुरु कविता

पुस्तकों से ज्ञान कितना भी कर लो अर्जित,
सब थोथा है, पूरे सतगुरु बिना ।
केवल गुरु ही हैं सच्चे ज्ञान के दातार भण्डार,
आकर चरणों में उनके अज्ञानता ले मिटा ।

तेरा शुकराना – मेरे उठने से मेरे सोने तक के लिए तेरा शुकराना

मेरे उठने से मेरे सोने तक के लिए तेरा शुकराना मेरे उठने से मेरे सोने तक के लिए तेरा शुकराना…मेरी...