सत्संग

संतो का संग है सत्संग ,मन को शांत रखने की दवाई है सत्संग , आत्मा की खुराक है सत्संग
सत्संग का प्रभाव महान् है जो भी सत्संग-महापुरुषों के वचन सुनता है, मनन करता है और उनपर अमल करता है उसका जीवन सफल हो जाता है। वह आत्मिक उन्नति की ओर निरन्तर बढ़ता है। महापुरुषों के वचन जीव के मन पर गहरी छाप छोड़ जाते हैं, जिनके प्रभाव से जीव का आत्म कल्याण होता है।

मौन ! हमारे लिए क्यों जरूरी है मौन ?

मौन शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, यह तो अनुभव की चीज है। मन की प्रश्नरहित अवस्था मे ही… Read More

सच्चे मन से पुकारो भगवान जरूर सुनते हैं।

सच्चे मन से पुकारो मीरा जी जब भगवान कृष्ण के लिए गाती थी तो भगवान बड़े ध्यान से सुनते थे।… Read More

जय सच्चिदानंद जी का अर्थ | jai sachidanand ji

जय सच्चिदानंद जी “जय सच्चिदानंद जी”, शब्द तीन शब्दों से मिलकर बना है – सत्त, चित्त और आनंद. ये तीनों… Read More

सिमरण की आदत कैसे डालें

सिमरण की आदत 🌹 *सिमरण की आदत डालने के लिए ऐसा करें 👇🏻: * ये ना कहें कि सिमरन के… Read More

जब ध्यान न लगे, तब हम क्या करें

------ जब ध्यान न लगे, तब हम क्या करें ------ एक बार संत कबीर साहब जी का एक शिष्य उनसे… Read More

योगासन | योग आसन | yoga asanas in Hindi

शीर्षासन योगासनों में शीर्षासन को सबसे अच्छा माना गया है। इस आसन को कई नामों से जाना जाता है जैसे-… Read More

सेवा-समर्पण का पर्व है गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा का सनातन परम्परा में गुरु का बहुत महत्व है। गुरु का आशीर्वाद ही कल्याणकारी एवं ज्ञानवर्धक… Read More

Guided Meditation in hindi ! सुमिरण ध्यान कैसे करें

Guided Meditation Guided Meditation - सुमिरण ध्यान करने की विधि बैठ कर एकांत में योगी, मन इन्द्रियों को वश करे… Read More

बूझो तो जाने

बूझो तो जाने - दोहा सांझ पड़ी दिन ढल गया, बाघन घेरी गाय । गाय बिचारी न मरै, बाघ न… Read More

क्या आप जानते हैं आत्मा की अवस्थाएँ कौन कौन सी होती है ?

हमारी आत्मा की अवस्थाएँ क्या आप जानते हैं - कि वेदादि ग्रंथों में हमारी आत्मा की पाँच अवस्थाएँ वर्णित हैं—… Read More

कई बार हम अत्यन्त प्रयत्न करने पर भी असफल हो जाते है,ऐसा क्यों ?

अत्यन्त प्रयत्न उत्तर - प्रयत्न कभी भी व्यर्थ नहीं जाता। यदि एक पत्थर ग्यारह बार चोट लगाने पर टूटता है… Read More

जब परमात्मा प्रत्येक के हृदय में निवास करते हैं, तो हम बुरे कर्म कैसे करते हैं?

उत्तर -यह सत्य है कि परमात्मा प्रत्येक के हृदय में निवास करते हैं। जब व्यक्ति बुरे कर्म करने में तत्पर… Read More