सतगुरु कविता

पुस्तकों से ज्ञान कितना भी कर लो अर्जित,
सब थोथा है, पूरे सतगुरु बिना ।
केवल गुरु ही हैं सच्चे ज्ञान के दातार भण्डार,
आकर चरणों में उनके अज्ञानता ले मिटा ।

तेरा शुकराना – मेरे उठने से मेरे सोने तक के लिए तेरा शुकराना

मेरे उठने से मेरे सोने तक के लिए तेरा शुकराना मेरे उठने से मेरे सोने तक के लिए तेरा शुकराना…मेरी… Read More

पावन करता है रूह को सत्पुरुषों का सत्संग

कविता- पावन करता है रूह को पावन करता है रूह को सत्पुरुषों का सत्संग। बना ले इसको अपने जीवन का… Read More

सिर तो देना ही पड़ेगा

सिर तो देना ही पड़ेगा - कविता 1. सिर तो देना ही पड़ेगा काल को या दयाल को । प्रेम… Read More

अमृत नाम देकर जीव को ले जाते निजधाम

कविता - अमृत नाम देकर अमृत नाम देकर जीव को ले जाते निजधाम । केवल पूर्ण सतगुरु ही हैं जो… Read More

जुदा सारे जहान से होती है आशिकों की राह

कविता जुदा सारे जहान से होती है आशिकों की राह । हठ छोड़कर बढ़ते रहते बिना चिंता और चाह ।… Read More

हउमै की आग में जिसने स्वयं को है जारा- कविता

1. हउमै की आग में जिसने स्वयं को है जारा खोकर सुख व चैन फिरता वह मारा मारा । मालिक… Read More

सतगुरु जी ने राग द्वेष का परदा दूर किया

कविता- सतगुरु जी ने राग द्वेष का परदा सतगुरु जी ने राग द्वेष का परदा दूर किया । कर इनायत… Read More

पुस्तकों से ज्ञान

॥ कविता ॥ - पुस्तकों से ज्ञान पुस्तकों से ज्ञान कितना भी कर लो अर्जित,सब थोथा है, पूरे सतगुरु बिना… Read More

कथनी और करनी

॥ कविता ॥ - कथनी और करनी का भेद अड़सठ तीरथ कर ले चाहे काशी और हरिद्वार,पढ़ ले पुराण अठारह,… Read More

अनहद नाद

॥ कविता ॥ - अनहद नाद गुरु किरपा से अनहद की जिसने सुनी आवाज़ ।सहजे ही सब हो गए उस… Read More

झूठा धन

॥ कविता ॥ - झूठा धन झूठा धन समर्पित करके,ले सतगुरु से सच्चे नाम का धन । मिले उसे दो… Read More

अमृत पैदा होता है

॥ कविता ॥ - अमृत पैदा होता है अमृत पैदा होता है सतगुरु के शब्द से,अमर हो जाता है वह… Read More