भजन

तर्ज़ – इक परदेसी मेरा दिल…. टेक – मेरा काम नहीं कुछ सोचने का, हक है सिर्फ हुकम मानने का । 1. हानि लाभ को नहीं पहचानू , कल क्या होगा कुछ नहीं जानू ।

रहमतां गुरुमहाराज दीयाँ बदला वागूं बरस रहियाँ

भजन - रहमतां गुरुमहाराज दीयाँ रहमतां गुरुमहाराज दीयाँ,बदला वागूं बरस रहियाँ-२,श्री चरणाँ विच आकें संगता-२,तर गईयाँ-३, प्यारे-२,स्वामी जी नें,सोहणां करम… Read More

मेरे सतगुरु आ जाओ

रूहानी टप्पे - मेरे सतगुरु आ जाओ मेरे सतगुरु आ जाओ-२,अँखियाँ तरस रहियाँ,आकें दर्श दिखा जाओ-२, सत्संग विच आ जाओ-२,भुलें… Read More

हर बन्दें दीं आवाज विच ओ आप बोलदां

हर बन्दें दीं आवाज विच ओ आप बोलदां 💐💐💐💐💐 हर बन्दें दीं आवाज विच, ओ,आप बोलदां-२,हर पंछीं दीं,परवाज़ विच,ओ,आप बोलदां-२,हर… Read More

हक है सिर्फ हुकम मानने का

॥ भजन ॥ तर्ज़ - इक परदेसी मेरा दिल.... टेक - मेरा काम नहीं कुछ सोचने का, हक है सिर्फ… Read More