हक है सिर्फ हुकम मानने का

॥ भजन ॥ तर्ज़ – इक परदेसी मेरा दिल…. टेक – मेरा काम नहीं कुछ सोचने का, हक है सिर्फ हुकम मानने का । 1. हानि लाभ को नहीं पहचानू , कल क्या होगा कुछ नहीं जानू  । मेरे गुरु को ही रहता सब पता, हक है… 2. मेरी नज़र तो सिर्फ जिस्मानी,सतगुरु जानते हैं … Read more