पेंटिंग में करियर

पेंटिंग में करियर पेंटिंग में करियर – बचपन में हम सभी ने अपने हाथों में ब्रश उठाकर पेंटिंग की है। पेंटिंग करना यकीनन हर किसी के मन को सुकून देता है, लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते चले जाते हैं, वह शौक कहीं पीछे छूटने लगता है। काम की आपाधापी में ब्रश हाथों से कब दूर … Read more

अपने घर को कैसे संवारे

घर को कैसे संवारे घर को कैसे संवारे – आजकल घरों को सजाने के लिए जितनी नई नई चीजों का इस्तेमाल हो रहा है उतना पहले कभी नहीं हुआ। जो ट्रैंड चल रहा है वह बहुत मैचिंग मैचिंग वाला नहीं है। जब आप भी अपने घर को सजाएं तो अलग-अलग चीजों को मिक्सअप करने से … Read more

पौधों को पानी देने के टिप्स

पौधों को पानी देने के टिप्स पौधों को पानी – इंसान हो या पेड़ पौधे सभी के लिए पानी जीवनदायी है बिना पानी के जहां इंसान डीहाइड्रेशन का शिकार हो बीमार पड़ जाता है वहीं पेड़ पौधे भी पानी के अभाव में मुरझा जाते हैं। हमारे घरों में छोटा सा किचिन गार्डन तो होता है … Read more

Tone of speech

Tone of speech Tone of speech – We should have complete control over our speech. No word should be brought on one’s tongue without thinking. The wound done by a weapon gets healed after getting time, but the wound done by speaking inappropriate words keeps on giving pain to the soul till death. Paramsant Shri … Read more

वाणी की मधुरता

वाणी की मधुरता हमें अपनी वाणी पर पूर्ण नियन्त्रण रखना चाहिए। बिना सोचे विचारे कोई भी शब्द अपनी जिवा पर नहीं लाना चाहिए। शस्त्र द्वारा किया गया घाव तो समय पाकर भर जाता है लेकिन अनुचित शब्द बोलकर किया गया घाव जीव को मरते दम तक दुःख देता रहता है। इसलिए पहले तोलो फिर बोलो। … Read more

DIVINE DIRECTIONS

DIVINE DIRECTIONS DIVINE DIRECTIONS – For every field of study in this world, there are always experts with deep specialized knowledge about it. To gain knowledge, to learn a skill, or to have on hand experience in that field, the easiest way is to consult the experts and follow their directions. Similarly,  to gain true … Read more

HOPES And EXPECTATIONS

HOPES And EXPECTATIONS HOPES And EXPECTATIONS – Why are today‟s humans so stressed and troubled? What is the root cause of their anxiety? The answer is their „Hopes and Expectations‟.  The  more  we  hope  for  and expect from worldly materials and relations, the more we fall into stress and anxiety. When we get close to … Read more